ट्रैफिक की वजह से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाई गर्भवती महिला कार में दिया बच्चे को जन्म।

ट्रैफिक की वजह से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाई गर्भवती महिला कार में दिया बच्चे को जन्म।

चंडीगढ़: करवा चौथ के मौके पर शुक्रवार को गुरुग्राम में भीषण जाम लगा. खासतौर पर पुराने गुरुग्राम के जैकपुरा रोड पर तो सेक्टर चार सात चौक से पटौदी चौक तक वाहन रेंग भी नहीं पा रहे थे. इसके चलते कहीं एंबुलेंस फंस गई तो कहीं अन्य आवश्यक सेवा की गाड़ियां. इसी में जैकमपुरा से एक प्रेगनेंट महिला को अस्पताल ले जा रही कार भी फंसी थी. यहां से अस्पताल की दूरी महज तीन किमी है, लेकिन करीब सवा घंटे बाद भी इनकी गाड़ी एक किमी भी नहीं चल पायी. इधर, प्रसूता का लेबरपेन लगातार बढ़ रहा था. गनीमत रही कि प्रसूता के साथ मुहल्ले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी चल रही थी.

उसने हालात को देखते हुए तत्काल गाड़ी को साइड कराया और वहीं गाड़ी में ही डिलीवरी करा दी. इसके कुछ ही देर बाद जाम भी खुल गया. इसके बाद जच्चा बच्चा को अस्पताल पहुंचाया गया. जहां डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया है. जानकारी के मुताबिक करवा चौथ के मौके पर गुरुग्राम की सड़कों पर काफी भीड़ थी. सदर बाजार से लेकर जैकमपुरा और रेलवे रोड से लेकर बस अड्डा रोड पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया था.

ऐसे हालात में देखते ही देखते जाम लग गया. इधर, जैकमपुरा में रहने वाली एक महिला को दोपहर करीब 12 बजे लेबरपेन शुरू हो गया. परिजनों ने तत्काल उसे पड़ोसी की कार में बैठा कर सिविल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन यह कार शिवमूर्ति चौक और पटौदी चौक के बीच जाम में फंस गई.

अंदरुनी रास्तों पर भी रहा जाम

कार चालक ने अंदर के रास्ते से गाड़ी निकालने का प्रयास किया, लेकिन यहां भी जाम की वजह से बुरा हाल था. देखते ही देखते करीब सवा घंटे निकल गए. इस बीच प्रसूता का लेबरपेन काफी बढ़ गया. हालात को देखते हुए साथ में चल रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने गाड़ी को किसी गली में घुमाने के लिए कहा और उसने गाड़ी में ही डिलीवरी करा दी.

अतिक्रमण के चलते रोज लगता है जाम

पुराने रेलवे रोड पर सेक्टर चार सात चौक से पटौदी चौक तक इतना अतिक्रमण है कि यहां रोज जाम लगता है. खासतौर पर पीक ऑवर या त्यौहारी सीजन में यह पूरी सड़क वाहनों से पैक्ड होती है. इस समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रयास भी किया गया, लेकिन तमाम रसूखदार लोगों के हस्तक्षेप से एक बार भी इस रोड को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई सफल नहीं हो पायी. बल्कि अब तो हालत ऐसे बन गए हैं कि सड़क के किनारे एक भी गाड़ी खड़ी हो जाती है तो पूरी सड़क जाम की चपेट में आ जाती है.